हिंदी समाचार (बी.बी.सी.) |
आमिर ख़ान हैं सबसे अलगगजनी के बाद आमिर ख़ान की धूम है. लेकिन इस धूम से आमिर का सिर घूमा नहीं है. आमिर अब 3 इडियट्स की शूटिंग कर रहे हैं. शूटिंग के दौरान आमिर ने दिखा दिया कि वे दूसरों से अलग क्यों हैं. |
गजनी की सफलता का जश्न |
नाम बड़े दर्शन छोटे |
वर्ष 2008 की सफल फ़िल्में |
फ़िल्म गजनी की तस्वीरें |
मुनरो की तस्वीरों की नीलामीमुनरो की तस्वीरों की नीलामी |
हिट की रेस में पिछड़ा बॉलीवुडबड़े बजट की पिटती फ़िल्में, आर्थिक संकट की चपेट में आती हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री. हिट फ़िल्में कम और फ़्लॉप ज़्यादा....कुछ ऐसा ही रहा बॉलीवुड 2008. |
'तारे ज़मीं पर' बनी सर्वश्रेष्ठ फ़िल्मवी शांताराम फ़िल्म पुरस्कारों में 'तारे ज़मीं पर' और 'ए वेन्सडे' की धूम रही. इन फ़िल्मों की झोली में कई पुरस्कार गए. तारे ज़मीं पर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म रही. |
'मंदी नहीं, ये बॉलीवुड बूम का दौर है'जाने माने फ़िल्मकार श्याम बेनेगल का मानना है कि आर्थिक संकट से जहाँ अन्य क्षेत्र प्रभावित हैं, वहीं भारतीय सिने जगत में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है. |
बदली-बदली सी हैं प्रियंका चोपड़ाबॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा आजकल कुछ बदली-बदली सी लग रही हैं. अब वे हर वो काम कर रही हैं, जो अब तक उन्होंने कभी नहीं किया था. |
सोने के कणों से कैंसर का बेहतर इलाजशोधकर्ताओं ने सोने के सूक्ष्म कणों से ऐसे तरीक़े का आविष्कार किया है जिससे कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाईयाँ बेहतर तरीक़े से दी जा सकती हैं. |
चुस्ती फुर्ती और एकाग्रता के लिए एकपादासनएकपादासन जहाँ संतुलन और एकाग्रता बढाने में मदद करता है, वहीं पूर्ण भुजा शक्ति विकासक से कंधों की जकड़न दूर होती है. |
अर्थव्यवस्था में जान फूँकने के लिए पैकेजआर्थिक मंदी के दौर के मद्देनज़र भारत सरकार ने अर्थव्यवस्था में जान फूँकने के लिए एक और पैकेज की घोषणा की है. रिज़र्व बैंक ने भी अहम दरों मे कमी की. |
अनिल अंबानी को सबसे ज़्यादा नुकसानअमरीकी पत्रिका फ़ॉर्ब्स के मुताबिक बीते साल जिन अरबपतियों को मंदी के कारण सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ उनमें भारत के अनिल अंबानी शीर्ष पर हैं. |
निदा फ़ाज़ली का अंदाज़-ए-बयाँबीबीसी हिंदी डॉट कॉम के पाठकों की मांग पर हमने निदा फ़ाज़ली के कॉलम अंदाज़-ए-बयाँ को संकलित कर दिया है. जल्दी ही हम आप तक उनके नए कॉलम पहुँचाने जा रहे हैं. |
'बेमिसाल प्रतिभा के धनी अमिताभ'आमिर ख़ान ने अमिताभ बच्चन के फिल्मी कैरियर पर आधारित चित्र कथा बच्चनालिया का उदघाटन किया और अमिताभ की तारीफ़ों के पुल बांधे. |
'न रहूं किसी का दस्तनिगर...'रहूं किसी का दस्तनिगरः मेरा सफ़रनामा. ये सफ़रनामा है आज़ाद हिंद फ़ौज के सिपाही और फिर समाजवादी आंदोलन के अग्रणी नेताओं में एक रहे कैप्टन अब्बास अली का. इस किताब की सबसे ख़ास बात यह है कि जहाँ यह किताब एक ओर सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में लड़ी जा रही भारत की स्वाधीनता की लड़ाई के कई पहलुओं को सामने लाती है. |
मनोरंजन जगत 2008 |
कला-साहित्य 2008 |
आमिर-शाहरुख़ की राह पर सल्लूशाहरुख़ की रब दे चली, आमिर की गजनी ख़ूब चली लेकिन सलमान की फ़िल्मों को नाकामी का ही मुँह देखना पड़ा. इसलिए अब सलमान ने कमर कसी ली है. |
'दाढ़ी-मूंछ अब अतीत की बात हुई'भारत में मर्दों की पहचान माने जाने वाली दाढ़ी और मूंछें परंपरा का भी प्रतीक रहीं हैं. एक किताब के अनुसार अब ये परंपरा पीढ़ी के बीच से लुप्त हो रही है. |
मशहूर पेंटर मंजीत बावा का निधनमशहूर पेंटर मंजीत बावा का सोमवार की सुबह लंबी बीमारी के बाद दिल्ली में निधन हो गया. वे भारतीय रंगों के इस्तेमाल के लिए मशहूर थे. |